कहते हैं पुत्र रत्न की प्राप्ति बगैर पितृऋण से मुक्ति नहीं मिलती है। पुत्र कुलतारण व वंशवृद्धि का कारक माना जाता है, लेकिन एक 80 वर्षीय पिता को अंतिम दिनों में अपने ही पुत्र का साथ नहीं मिल सका। यह...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3twWwab
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