अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से क्लीनिकल साइकोलॉजी में पीएचडी के बाद भी बतौर मनोचिकित्सक मानसिक रोगी के इलाज और पुनर्वास के योग्य नहीं समझे जाने पर उच्च न्यायालय ने हैरानी जताई है। कोर्ट...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3t4Uu0X
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