दर्शन देहू न अपार हे दीनानाथ.मरबो रे सुगवा धनुष सेकांचही बांस के बहंगिया.महिमा बा अगम अपार हे छठ मइया.उगऽ हे सूरजदेव अरघ के बेरिया.छठ महापर्व को लेकर ये पारंपरिक गीत गूंजने लगे हैं। दो दिन बाद चार...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/2Pt5Yec
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