आंखों से झर- झरकर गिरते आंसू, कंपकंपाते होंठ, मां के मोहिनी रूप की ओर अपलक अश्रुपूर्ण दृष्टि और संकट में फंसे पटना के लाखों लोगों को उबारने की मन्नतें। राजधानी के अधिकतर पूजा पंडालों का नजारा कुछ ऐसा...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/33cQ2k1
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