पहले कागज पर एक शिक्षिका को नियोजित किया गया। इसके बाद एक ऐसे स्कूल में उसका प्रतिनियोजन दिखाया गया जो अस्तित्व में है ही नहीं। कुछ वर्षों तक नियमित रूप से वेतन भुगतान भी किया गया। बाद में 49 वर्षीय...from Live Hindustan Rss feed http://bit.ly/2VdpGcZ
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