तब राजनीति के कुछ अपने उसूल थे और मर्यादा भी। विपक्ष के मजबूत नेताओं की कद्र थी। सत्ता पक्ष उनकी उपयोगिता भी बखूबी समझता था। पूर्व सांसद रजनी रंजन साहू अपने राजनीतिक जीवन के रोचक संस्मरणों को साझा...from Live Hindustan Rss feed http://bit.ly/2KIdAZu
No comments:
Post a Comment