
मंगलवार को बिहार सरकार और एसपीटीसी के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में एमओयू किया गया। इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एमओयू को लेकर मुझे खुशी हो रही है। ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। हमलोगों ने राज्य के हित में यह निर्णय लिया है। ऐसे तो राज्य की पूरी संपत्ति राष्ट्र की संपत्ति है, इसका बेहतर उपयोग होने से पूरे देश को फायदा होता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने पहले ही बिजली बोर्ड को पांच भागों में विभाजित कर कंपनी के रूप में निर्मित किया। बिजली बोर्ड में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी की सेवा शर्त में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बिजली के दर को ठीक करने के लिए सरकार द्वारा बिजली नियामक आयोग के समक्ष जीरो सब्सिडी का प्रस्ताव रखा गया और जब रेट तय हुआ तब राज्य सरकार द्वारा अपने खजाने से उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जा रही है। बिजली बिल में वास्तविक बिजली की दर और राज्य सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी उस पर अंकित रहेगा, जिससे लोगों को पता चलेगा कि सरकार उपभोक्ताओं को कितनी सहायता राशि दे रही है। लोग इसे नैतिक जिम्मेदारी समझकर बिना वजह के बिजली की खपत नहीं करेंगे। हमलोग सब्सिडी उपभोक्ताओं को और वितरण कंपनियों को देते हैं। वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए सब्सिडी दी जाती है।
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